सोनहत। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कोरिया जन सहयोग समिति की विशेष बैठक आनंदपुर कटगोड़ी स्थित नर्सरी में आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं, नागरिक सुविधाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए आगामी रणनीति पर मंथन किया गया। समिति के सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास, ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना और आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रयास करना समिति की प्राथमिकता है।
बैठक में समिति द्वारा पूर्व में शासन-प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापनों एवं मांग पत्रों की समीक्षा की गई। सदस्यों ने लंबित मांगों की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण के लिए पुनः प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया।
समिति अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े ने कहा कि कोरिया जन सहयोग समिति लगातार जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समिति ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जनता की मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाता है तो समिति जनआंदोलन से लेकर विधिक लड़ाई तक हर आवश्यक कदम उठाएगी।
समिति के सचिव राजू साहू ने कहा कि पूर्व में सौंपे गए कई महत्वपूर्ण ज्ञापनों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। समिति ने निष्पादित और लंबित मामलों की सूची तैयार की है। लंबित मांगों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों का पुनः ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
वन क्षेत्र में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता का मुद्दा

बैठक में वन विभाग तथा गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व क्षेत्र में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितता का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। समिति के सदस्यों ने निर्माण कार्यों की पारदर्शी जांच कराने की मांग की। साथ ही जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई।
सेमरिया पुलिया और अधूरे विद्युतीकरण पर चर्चा
सेमरिया में लंबे समय से जर्जर पुलिया के कारण ग्रामीणों को हो रही परेशानी और दुर्घटना की आशंका पर भी सदस्यों ने चिंता जताई। समिति ने पुलिया का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की।
इसी तरह चंदाहा-बंशीपुर-कचोहर क्षेत्र में अधूरे विद्युतीकरण का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि ग्रामीणों को मूलभूत बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लंबित विद्युतीकरण कार्य जल्द पूरा किया जाना चाहिए।
बैठक में सोनहत के धुम्माडाण्ड क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या और जर्जर सड़कों की मरम्मत का विषय भी प्रमुखता से रखा गया। इसके अलावा विभिन्न ग्राम पंचायतों में लंबित निर्माण एवं जनसुविधा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने की मांग की गई।
वन क्षेत्र से लगे गांवों के ग्रामीणों के अधिकार, मुआवजा, मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा स्थानीय निवासियों से जुड़े अन्य विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
प्रशासनिक कार्रवाई के साथ कानूनी विकल्पों पर भी मंथन
बैठक में मौजूद विधिक सलाहकारों ने जनहित से जुड़े मामलों में प्रशासनिक एवं कानूनी स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर मार्गदर्शन दिया।
अधिवक्ता रज़ा अली अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना नागरिकों का अधिकार है। यदि पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो जनहित से जुड़े मामलों को न्यायालय के समक्ष भी रखा जा सकता है।
अधिवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक और विधिक दोनों स्तरों पर प्रयास आवश्यक हैं। जिन मामलों में अब तक कार्रवाई नहीं हुई है, उनमें प्रशासनिक पहल के साथ आवश्यक कानूनी रणनीति तैयार की जाएगी।
नया ज्ञापन और PIL दायर करने का निर्णय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सेमरिया पुलिया, अधूरा विद्युतीकरण, सोनहत की विभिन्न समस्याओं सहित अन्य लंबित जनहित के मुद्दों को लेकर जल्द ही सक्षम अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा।
वहीं वन विभाग तथा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व क्षेत्र में निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों में आवश्यक दस्तावेज एवं तथ्यों का संकलन करने के बाद जनहित याचिका (PIL) दायर करने का निर्णय लिया गया। समिति का कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से मामलों की निष्पक्ष जांच और जनहित में उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
अधिवक्ताओं एवं समिति सदस्यों की रही उपस्थिति

बैठक में विधिक सलाहकार अधिवक्ता रज़ा अली अंसारी, जयचंद सोनपाकर, अरविंद सिंह एवं शहज़ाद अंसारी उपस्थित रहे। इसके अलावा समिति अध्यक्ष पुष्पेंद्र राजवाड़े, सचिव राजू साहू, राजन पाण्डेय, नीलेश सोनी, एहसानुल हक, प्रफुल्ल पाण्डेय, बालकरण सोनपाकर सहित समिति के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
बैठक के समापन पर समिति ने क्षेत्रीय जनता के अधिकारों, प्रशासनिक पारदर्शिता और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अपने प्रयास एवं संघर्ष को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
